संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी के मंगल चातुर्मास के पावन सानिध्य में समवशरण महामंडल विधान बड़े ही हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हो रहा है। विधान के छठे दिन भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक पूजन-अर्चन कर धर्मलाभ एवं पुण्यार्जन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी भक्ति और आस्था प्रकट की। इस अवसर पर आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी ने अपने मंगल आशीर्वचनों में कहा कि समवशरण महामंडल विधान के अनुष्ठान एवं दर्शन से समस्त मनोरथों की सिद्धि, पापों का क्षय तथा परंपरा से समवशरण के दर्शन और तीर्थंकर प्रकृति के बंध का पुण्यकारी अवसर प्राप्त होता है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठान आत्मकल्याण एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि 16 अक्टूबर को सायं 6:30 बजे से जैन भवन में गरबा का भव्य आयोजन किया गया। इसमें पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागी आकर्षक एवं सुंदर पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पहुंचे। विशेष रूप से गरबा की सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा में आने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। गरबा कार्यक्रम के पश्चात भक्तिभाव के साथ महाआरती की गई। इसके बाद 24 तीर्थंकरों पर आधारित प्रश्न मंच का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रश्न मंच के विजेताओं को चांदी के पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ एवं पुण्यार्जन किया। साथ ही गुरु वंदना सीजन 2 हाउजी का टाइटल गाने की लॉन्चिंग भी की गई एवं वीडियो टीज़र भी बनाए गए सांकेतिक टिकट वितरण भी किया गया। इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति, विभिन्न जैन संस्थाओं के सदस्य एवं पदाधिकारी, जैन भवन कार्यकारिणी के सदस्य तथा समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।