देहरादून, 04 अक्टूबर। भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्री और कुलिश ने फिलीपींस में आयोजित आसियान-भारत समुद्री अभ्यास (एआईएमई 2026) में अपनी भागीदारी पूरी की, जिसका विषय था ‘ विश्वास में लंगर डाले, समुद्र में एकजुट’। इस अभ्यास ने बंदरगाह और समुद्री चरणों के माध्यम से पेशेवर संवाद, परिचालन समन्वय और समुद्री प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए। उद्घाटन समारोह के बाद हार्बर चरण शुरू हुआ, जिसमें प्रमुख नेताओं के साथ बैठकें, खेल आयोजन, योग, सामुदायिक संपर्क और विषय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श जैसी कई गतिविधियाँ शामिल थीं। टेबल-टॉप अभ्यास, परिचालन समन्वय और पूर्व-यात्रा संबंधी संक्षिप्त जानकारी ने समुद्री चरण के लिए समन्वय और तैयारी में सहायता प्रदान की। समुद्री अभ्यास के दौरान, आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस कुलिश ने समन्वित समुद्री अभ्यासों में भाग लिया, जिनमें मानवीय सहायता और आपदा राहत, विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर (वीबीएसएस) और अंडरवे रिप्लेनिशमेंट अभ्यास शामिल थे। हेलीकॉप्टर अभ्यासों में क्रॉस-डेक लैंडिंग, वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट और केस इवैक अभ्यास शामिल थे। इन गतिविधियों से भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के बीच समन्वय और अंतर-संचालनीयता में वृद्धि हुई। एआईएमई 2026 के बंदरगाह और समुद्री चरणों ने विश्वास को मजबूत किया और अंतर-संचालनीयता को बढ़ाया, जिससे प्रभावी समुद्री साझेदारी को बढ़ावा मिला। आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस कुलिश की भागीदारी ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के अनुरूप , सहयोगी समुद्री बलों के साथ जुड़ाव के प्रति भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।