विक्रम शर्मा हत्याकांड: नए सिरे से काम करेगी दून पुलिस

देहरादून। सिल्वर सिटी मॉल के पास हुए कुख्यात गैंगस्टर और जमशेदपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में दून पुलिस अब नए सिरे से सक्रिय होगी। मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक दबिश देंगी। एसएसपी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित करने के निर्देश दिए।13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास जिम से वर्कआउट कर लौट रहे कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि शूटर वारदात से पहले हरिद्वार के एक होटल में रुके थे। पुलिस जांच में व्यापारी राजकुमार के बेटे यशराज सिंह को हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया। आरोप है कि उसने शूटरों की फंडिंग करने के साथ ही उनके आने-जाने और वारदात के बाद फरार होने की व्यवस्था की थी। शूटरों को वाहन उपलब्ध कराने और यूपीआई के जरिए लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था करने के आरोप में राजकुमार और गलगोटिया विश्वविद्यालय के छात्र मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, एक लाख रुपये के इनामी मुख्य साजिशकर्ता यशराज सिंह को मई में सहारनपुर से पकड़ा गया था। पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए झारखंड में इनामी बदमाश आकाश कुमार प्रसाद के घर की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद मामले में पांच आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जुलाई में पुलिस ने इन फरार आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर दो-दो लाख रुपये कर दी थी। अब एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने अधिकारियों को फरार आरोपियों के पुराने ठिकानों, संभावित नए ठिकानों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाकर दबिश की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल में भी आरोपियों के संभावित ठिकानों को चिह्नित किया जा रहा है।