उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के महामन्त्री अवधेश पन्त ने किया वरिष्ठ पत्रकार संदीप गोयल को सम्मानित

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज सर्विस
देहरादून, 28 जुलाई। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में विशिष्ट रचनात्मक भूमिका अदा करने वाले वरिष्ठ पत्रकार संदीप गोयल का आज पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर राजधानी देहरादून में सम्मान किया गया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के महामन्त्री अवधेश पन्त ने वरिष्ठ पत्रकार संदीप गोयल को गंगा माई की चुनरी एवं स्वदेशी का प्रतीक चरखा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अवधेश पन्त ने कहा की वरिष्ठ पत्रकार संदीप गोयल वर्ष 1992 से देहरादून में पत्रकारिता कर रहे हैं, उन्होंने प्रमुख समाचार विषयों, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन विश्लेषण प्रदान किया हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का हृदय है, जो कभी बंद नहीं होता। पत्रकारिता लोकतंत्र को जिंदा रखती है। पत्रकार पर सबसे ज्यादा जिम्मेवारी है, इसलिए संदीप गोयल हमेशा सचेत रह कर पत्रकारिता कर रहे हैं। अवधेश पन्त ने कहा की संदीप गोयल ने अनेक दैनिक समाचार पत्र में रिपोर्टिंग की हैं। उन्हे अनेक मंचो पर सम्मानित किया जा चुका हैं।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुये वरिष्ठ पत्रकार संदीप गोयल ने कहा की अवधेश पंत गांधीवादी विचारधारा के समर्पित कर्मयोगी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान के सजग प्रहरी हैं। अवधेश पंत उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित गांधीवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से संबंध रखते हैं। वे महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय नीलांबर दत्त पंत के सुपुत्र हैं। उनके व्यक्तित्व, विचारों एवं सार्वजनिक जीवन पर अपने पिता के राष्ट्रप्रेम, त्याग, सादगी और गांधीवादी जीवन-दर्शन की अमिट छाप है। वह आज अवधेश पन्त के हाथों सम्मानित होते हुये खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। स्नेहपूर्ण सम्मान मिलने से व्यक्ति का खुद पर भरोसा और अधिक मजबूत होता हैं।
संदीप गोयल ने कहा कि न्यूज को न्यूज के कन्सेप्ट से ही तैयार करें। न्यूज़ में अपने व्यूज शामिल करने से निष्पक्षता खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि भौतिकता के युग में पत्रकारिता एक व्यवसाय के रूप में उभरा है। इस दौर में पत्रकार अपने मानवीय और नैतिक मूल्यों का भौतिकता से संतुलन बनाते हुए तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता करने से ही अपने व्यवसाय के साथ ईमानदारी कर पाएंगे। पत्रकारिता एक स्वच्छ व पवित्र व्यवसाय है। खोजी पत्रकारिता से असलियत को उजागर किया जा सकता है। पत्रकारों को आने वाली पीढ़ी के सामने आदर्श स्थापित करना है कि राष्ट्र व समाज की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर किस प्रकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। इससे जनता का पत्रकारिता पर और अधिक विश्वास होगा। उन्होंने कहा कि पीत पत्रकारिता से बचें, क्योंकि पीत पत्रकारिता देश व प्रजातंत्र के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। कहा कि पत्रकार को निर्भीक, निष्पक्ष एवं सत्य की रक्षा करते हुए रिपोर्टिंग करनी चाहिए। पत्रकार दुर्भावना व पक्षपात से न लिखें केवल ईमानदारी से लिखें यहीं सारे समाज के हित में है।