मंत्री रेखा आर्या के मामले में मधु जैन ने मुख्यमंत्री धामी से की त्वरित कार्रवाई की मांग

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। शिकायत में धोखे से विवाह करने, मारपीट, कथित जातिगत उत्पीड़न, जालसाजी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस प्रकरण पर मानवाधिकार संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ होने वाली प्रताड़ना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। मधु जैन ने कहा कि एक महिला लंबे समय तक परिवार की मर्यादा, बच्चों के भविष्य और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई परेशानियों को सहन करती रहती है। लेकिन जब उसकी सुरक्षा और बच्चों के जीवन पर खतरे की आशंका उत्पन्न हो जाए, तो उसके लिए आवाज उठाना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना या धमकियों के बीच जीवन बिताने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेखा आर्या के मामले में सामने आए आरोप बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, पीड़िता की शिकायत और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मधु जैन ने मुख्यमंत्री से विशेष रूप से अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए रेखा आर्या और उनके नाबालिग बच्चों को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे भयमुक्त वातावरण में रह सकें। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया के दौरान पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने इस घटना के संदर्भ में कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी महिला को सामाजिक प्रतिष्ठा या पारिवारिक दबाव के कारण अन्याय सहने के लिए विवश नहीं होना चाहिए। महिलाओं को अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने और कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अंत में मधु जैन ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच, उचित कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, ताकि न्याय व्यवस्था पर आमजन का विश्वास और मजबूत हो सके।