एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। पर्वाधिराज पर्यूषण दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन एवं आत्मबोध का स्वर्णिम अवसर है। इसी पावन अवसर पर आध्यात्मिक श्रमणी, परम पूज्य वात्सल्यमयी आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में देहरादून, उत्तराखंड में भव्य “आत्मबोध संस्कार शिविर” का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 16 सितम्बर से 27 सितम्बर 2026 तक लगातार विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन बड़े हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया जाएगा। इस दौरान 25 सितम्बर को भव्य अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा तथा 27 सितम्बर को क्षमावाणी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आत्मबोध संस्कार शिविर में देहरादून के अतिरिक्त बाहर से आने वाले लगभग 300 श्रद्धालु भी सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि 16 सितम्बर को उत्तम क्षमा धर्म के दिन दोपहर में मंगलाचरण तथा रात्रि 8:30 बजे “मेरी भावना” नाटिका का मंचन झंडा मंदिर द्वारा 60, गांधी रोड स्थित जैन भवन में किया जाएगा।
आत्मबोध संस्कार शिविर की दैनिक दिनचर्या
दिनांक 16 सितम्बर से 24 सितम्बर तक शिविर में तीन सत्रों में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे—
प्रथम सत्र: प्रातः 5:30 बजे से 10:00 बजे तक
द्वितीय सत्र: दोपहर 2:15 बजे से 5:00 बजे तक
तृतीय सत्र: सायं 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक
शिविर में प्रार्थना, तत्त्वार्थ सूत्र वाचन, आचार्य भक्ति, सामायिक, अभिषेक-पूजन, प्रतिक्रमण, शंका समाधान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रश्न मंच, महाआरती सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही जैन धर्म एवं तत्त्वार्थ सूत्र पर मार्मिक प्रवचन, दस धर्म पर विशेष प्रवचन तथा “THE ART OF SELF-DISCOVERY” ध्यान शिविर का आयोजन बा. ब्र. ऋतु दीदीजी द्वारा किया जाएगा। श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मानुशासन एवं आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा देने के उद्देश्य से प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
शिविर में प्रातः भोजन की व्यवस्था प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा सायं अल्पाहार की व्यवस्था सायं 5:00 बजे से 5:45 बजे तक रहेगी। शिविर की सामग्री के पुण्यार्जक दिनेश जैन (सूर्या कंस्ट्रक्शन) परिवार हैं। वहीं वस्त्र एवं बैग की व्यवस्था में पुण्यार्जक श्री नेमी कुमार परिवार, श्री कृष्ण परिवार एवं श्री बलराम परिवार का सहयोग रहेगा। मीडिया समन्वयक मधु जैन ने सभी लेखाकार, छायाकार एवं पत्रकार बंधुओं से अनुरोध किया कि वे इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन की अधिक से अधिक कवरेज कर समाज एवं जनसामान्य तक इसकी जानकारी पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें।