संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) ने आज उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून के हरिद्वार रोड़ स्थित जीआईडी रेस्टोरेंट मे एक बैठक का आयोजन किया जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में आइसना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी ने भाग लिया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारियो ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। उनके साथ राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती आरती त्रिपाठी, अरुण त्रिपाठी, सरदार गुरदीप सिंह टोनी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी के देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी ने उत्तराखंड में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने तथा समाचार-पत्रों और मीडिया से जुड़े विषयों पर आपसी समन्वय बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया की ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर एसोसिएशन (आइसना) की स्थापना 3 मार्च 1982 को देश के छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए की गई थी। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा छोटे व मध्यम समाचार पत्रों, संपादकों तथा पत्रकारों पर होने वाले उत्पीड़न, उपेक्षा और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए इस एसोसिएशन का गठन किया गया था। समय के साथ इस संगठन ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में अपनी इकाइयां स्थापित कीं। यह संगठन पत्रकारों की एकता और उनके सम्मान की लड़ाई लड़ता है। समाचार पत्र मालिकों और संपादकों की प्रशासनिक व वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने के लिए यह संस्था सरकार के समक्ष ज्ञापन और मांगें रखती है। उन्होंने कहा की आज सरकार लघु समाचार पत्रों का उत्पीड़न कर रहीं हैं, जबकि केन्द सरकार और प्रदेश सरकार की योजनाओं का प्रचार लघु समाचार पत्र ही करते है और सुदूर गांवों में समस्या योजनाओं को लघु समाचार पत्र् ही जन-जन तक पहुचातें है। केन्द्र सरकार और प्रदेश की सरकारे ग्राम विकास की बात करती हैं परन्तु लघु समाचार पत्रों की उपेक्षा करके यह कैसे सम्भव हो जायेगा इसकी जानकारी सभी सरकारो को यह हमारा संगठन देने के प्रयास कर रहा हैं।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुये उत्तराखंड राज्य के वरिष्ठ पत्रकार श्री जितेंद्र नययर जी ने बताया कि आज सरकार की योजनाओ को ग्रामीण स्तर तक पहुचाने का कार्य छोटे अखबार करतें है क्योकि बड़े-बड़े अखबार तो शहर तक सीमित है। बड़े अखबारों में 80 प्रतिशत विज्ञापन और 20 प्रतिशत समाचार होता है तथा बड़े अखबारों को देश की 20 प्रतिशत जनता पढती है इसी के विपरीत छोटे अखबारो में 98 प्रतिशत समाचार और २ प्रतिशत विज्ञापन होता है देश की 80 प्रतिशत ग्रामीण जनता छोटे अखबार पढती है। बड़े समाचार पत्रों को प्राइवेट कम्पनियों से इतना विज्ञापन मिलता है कि उन्हे सरकारी विज्ञापन कि आवयकता नहीं होती है इसलिए उन्हे विज्ञापन देने बजाय सरकार की सूचना निशुल्क छापने को दी जाये और कुछ विज्ञापन छोटे अखबारो को दिया जाय, क्योकि छोटा अखबार बुद्धि जीवी देश व समाज प्रेमी समाज का शुभ चिन्तक वह व्यक्ति निकलता है जिसकी आथिर्क दशा अच्छी नही होती है जब कि बड़ा समाचार पत्र बड़े-बड़े पूजपति और अपनी काली कमाई छिपानें के लिए निकालते है जिन्हे धन की कोई आवश्यकता नहीं होती हैं। लेकिन केन्द्र सरकार और प्रदेश की सरकारे विज्ञापन नीत को बिल्कुल उल्टा कर रखा है। बड़े अखबारों का पूर्ण विज्ञापन और छोटे अखबारों को नाम मात्र विज्ञापन देने की निति पर चल रहे है, इसलिए इस नीत पर रोक लगाते हुये उल्टी व्यस्था को सीधी करने की व्यवस्था करने की आवश्यकता हैं।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती शशि शर्मा ने कहा की देश के छोटे और मध्यम समाचार पत्रों से जुड़े स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक व पत्रकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कार्यरत ऑल इंडिया स्माल न्यूजपेपर संगठन ने अपने गठन के 44 वर्ष पूरे कर लिए हैं। संगठन पिछले चार दशकों से अधिक समय से पत्रकारों की एकता, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ऑल इंडिया स्माल न्यूजपेपर संगठन का गठन 3 मार्च 1982 को देश के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान किया गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में संगठन लगातार विस्तार करता गया और आज देश के कई राज्यों और जनपदों में अपनी मजबूत इकाइयों के साथ एक बड़े मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) से देशभर के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक समाचार पत्रों के स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, पत्रकार, छायाकार, फ्रीलांसर तथा डिजिटल मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में सदस्य और पदाधिकारी जुड़े हुए हैं। संगठन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना, पत्रकारों के अधिकारों का संरक्षण करना तथा सरकार और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
गौरव का विषय है की पिछले कई वर्षो से हमारा संगठन भारत के राज्यपत्र में अधिसूचित होता चला आ रहा है, इसी क्रम में संगठन के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय महासचिव आरती त्रिपाठी और वरिष्ठ पदाधिकारी अरुण त्रिपाठी भी शामिल हैं, जिन्हें वर्तमान में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का सदस्य नियुक्त किया गया है।वर्ष 2024 में ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) की उत्तराखंड इकाई का पुनर्गठन किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार गुरदीप सिंह टोनी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई, जबकि वरिष्ठ पत्रकार सोमपाल सिंह को भी संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। उत्तराखंड इकाई पत्रकारों के हितों को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। संगठन के उत्तराखंड इकाई के सोमपाल सिंह को सूचना विभाग की वर्ष 2025–26 की समिति का सदस्य चुना जाना संगठन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) का मानना है कि चाहे कोई भी पत्रकार किसी भी संगठन, समाचार पत्र या डिजिटल मीडिया से जुड़ा हो, वह पत्रकारिता परिवार का हिस्सा है और संगठन हमेशा उसके सुख-दुख में साथ खड़ा रहेगा। इस अवसर पर उत्तराखंड व दक्षिण भारत सहित पूरे देश के विभिन्न राज्यों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर संगठन की गतिविधियों को और गति देने की योजना बनाई गई है, ताकि पत्रकारों के अधिकारों और छोटे समाचार पत्रों की मजबूती के लिए संगठन की भूमिका और प्रभावी बन सके।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार गुरदीप सिंह टोनी, श्रीमती नेहा गोयल नययर, मेघा गोयल, सोमपाल सिंह सहित भारी सख्या मे पत्रकार उपस्थित थे।