पौड़ी गढ़वाल। कंडोलिया मंदिर पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड में एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है जो कंडोलिया पहाड़ियों पर ओक और चीड़ के घने जंगल के बीच स्थित है, जो पौड़ी शहर की रक्षा करने वाला “न्याय का देवता” माना जाता है, और यहां से हिमालय और घाटी का सुंदर नज़ारा दिखता है। यह एक शांत, धार्मिक स्थल है जहाँ पार्क, खेल परिसर और एशिया का सबसे ऊँचा स्टेडियम भी है, और हर साल गर्मियों में एक बड़ा मेला और भंडारा लगता है। यह भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय रूप से कंडोलिया देवता या न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। पौड़ी शहर से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जो इसे पिकनिक और दर्शनीय स्थल के लिए बेहतरीन बनाता है। मंदिर ओक और देवदार के पेड़ों से घिरा है, और यहां से गगवारसुईं घाटी और हिमालय की चोटियों (चौखम्बा, त्रिशूल, केदारनाथ) का मनोरम दृश्य दिखता है। मंदिर के पास एक खूबसूरत पार्क और एशिया का सबसे ऊँचा ‘रान्शी’ स्टेडियम है, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसा माना जाता है कि कुमाऊँ से आई एक महिला अपने इष्ट देवता को कंडी (छोटी टोकरी) में लाई थी, जिससे यह नाम पड़ा और वे न्याय देवता बन गए। भक्तों के लिए यह एक पवित्र स्थान है जहाँ वे भगवान शिव का आशीर्वाद लेने आते हैं। घने जंगलों और शांत वातावरण के कारण यह ध्यान और विश्राम के लिए आदर्श है। हर साल लगने वाला मेला और भंडारा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कराता है।
भगवान शिव को समर्पित कंडोलिया मंदिर, पौड़ी गढ़वाल की सबसे शांत, पवित्र और मनोहारी स्थलों में से एक है। चीड़ के घने जंगलों से घिरा यह मंदिर हिमालय की भव्य पर्वतमाला की ओर निहारता हुआ आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यहाँ की निर्मल हवा, शांत वातावरण और घाटियों का विहंगम दृश्य मन को गहरी शांति और आत्मिक सुकून प्रदान करता है। कंडोलिया मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि वह पावन धाम है जहाँ प्रकृति की गोद में बैठकर शिव-भक्ति स्वयं अनुभूति बन जाती है।