पुनर्वास सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाए : निदेशक

गौशाला में लगी आग, 2 मवेशी झुलसे
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
रुद्रप्रयाग। जिले के कर्णधार मालकोटी गांव में मंगलवार तड़के 03:20 बजे गौशाला में आग लगने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन की तत्परता के चलते संबंधित विभागों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि कु० आशा, निवासी कर्णधार मालकोटी द्वारा दूरभाष पर सूचना दी गई कि उनकी गौशाला में आग लग गई है, जिसमें बंधे 2 मवेशी आग की चपेट में आ गए हैं। सूचना प्राप्त होते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र रुद्रप्रयाग ने बिना देरी किए पुलिस, फायर सेवा, राजस्व उप निरीक्षक एवं पशु पालन विभाग को तत्काल सूचित किया। सभी विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई। अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार राहत प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आपदा की घड़ी में प्रभावितों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है।

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जिला कारागार पौड़ी में ‘एक जेल-एक उत्पाद’ पहल के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला कारागार पौड़ी में ‘एक जेल-एक उत्पाद’ पहल के तहत पिरूल क्राफ्ट आधारित तीन साप्ताहिक उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से जनकल्याण सेवा समिति, कोटद्वार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को पिरूल से आकर्षक एवं उपयोगी हस्तशिल्प उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बंदियों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिरूल जैसे वन संसाधनों से तैयार उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है और इन्हें आजीविका का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण को कौशल विकास के साथ उद्यमिता से जोड़ने पर जोर देते हुए वॉल हैंगिंग, बुके मेकिंग, सजावटी वस्तुएं, गृह उपयोगी सामग्री तथा अन्य नवाचार आधारित उत्पादों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तैयार उत्पादों की बायबैक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा उससे प्राप्त आय को बंदी कल्याण एवं पुनर्वास गतिविधियों में उपयोग करने की बात कही। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र और जेल प्रशासन की इस पहल को बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भविष्य में भी ऐसे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि व्यक्तियों में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। रचनात्मक गतिविधियों और कौशल विकास के माध्यम से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे भविष्य में स्वावलंबी जीवन की ओर अग्रसर होंगे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बंदियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, सुझावों और प्रशिक्षण संबंधी अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा भविष्य में कंप्यूटर टाइपिंग, कैंडल मेकिंग, हस्तशिल्प एवं अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए। जनकल्याण सेवा समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिरूल आधारित उत्पाद कम लागत में तैयार होते हैं और बाजार में इनकी अच्छी मांग है। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं विपणन के अवसर मिलने पर बंदी रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इस अवसर पर जेल अधीक्षक कौशल कुमार, प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उपासना सिंह, मास्टर ट्रेनर सरोज बिष्ट एवं प्रियतमा, जनकल्याण सेवा समिति के करन, सचिन नेगी, प्रभारी जेलर गौरव कुमार टम्टा, प्रधान बंदी रक्षक अखिलेश कुमार पाराशरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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व्यापक पर्यावरण संरक्षण अभियान आयोजित
विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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देहरादून | 07 जुलाई। देशभर में मनाए गए वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर 127 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल, गढ़वाल राइफल्स, जिसे “गढ़वाल ग्रीनर्स” के नाम से जाना जाता है, द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से संबंधित अनेक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। सप्ताह भर चले इस अभियान के दौरान यूनिट द्वारा वृहद वृक्षारोपण, नदी पुनर्जीवन, जल एवं मृदा संरक्षण, स्वच्छता अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण विषयक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इन गतिविधियों में स्थानीय प्रशासन, वन विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इकोलॉजिकल, गढ़वाल राइफल्स ने अपने निर्धारित क्षेत्रों में पौधारोपण एवं संरक्षण कार्यों को गति प्रदान करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित किया। यूनिट द्वारा वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप 3 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण तथा हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र का पुनर्जीवन किया जा चुका है, जिसने उत्तराखंड के हरित आवरण को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वन महोत्सव सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल करने का संकल्प लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इकोलॉजिकल, गढ़वाल राइफल्स ने इस अभियान की सफलता में सहयोग देने वाले सभी विभागों, संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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कुंभ मेला-2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
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हरिद्वार। 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन/पीएसी, उत्तराखण्ड ए.पी. अंशुमान (आईपीएस) का आगमन हुआ।
इस अवसर पर आयोजित आगामी कुंभ मेला-2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं पुलिस मॉडर्न स्कूल में 04 नवीन कक्षों के उद्घाटन समारोह में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। पुलिस महानिरीक्षक, कुंभ मेला हरिद्वार श्री योगेन्द्र सिंह रावत (आईपीएस) द्वारा मुख्य अतिथि का पौध भेंट कर स्वागत किया गया तत्पश्चात सेनानायक आयुष अग्रवाल (आईपीएस) द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, कुंभ मेला हरिद्वार को पौध भेंट कर स्वागत किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत भीड़ प्रबंधन, आपदा राहत एवं बचाव, सुरक्षा व्यवस्था, समन्वय तथा प्रभावी पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, सतर्कता एवं उत्कृष्ट समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
इसके उपरांत 40वीं वाहिनी परिसर स्थित पुलिस मॉडर्न स्कूल में विद्यार्थियों के लिए निर्मित 04 नवीन कक्षों का शुभ उद्घाटन किया गया। यह निर्माण कार्य विद्यालय की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट, जलपान एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार उत्तराखण्ड पुलिस की सेवा, सुरक्षा, प्रशिक्षण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं जनहितकारी कार्यों के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप सेनानायक जोधराम जोशी, शिविरपाल आदेश कुमार, सूबेदार सैन्य सहायक मंगल सिंह एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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ट्राउट मत्स्य पालन से दिनेश सिंह चौधरी लिख रहे सफलता की कहानी
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रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाकर किसान और पशुपालक अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इन प्रयासों से न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इसका प्रेरणादायक उदाहरण जनपद रुद्रप्रयाग के लदोली गांव निवासी दिनेश सिंह चौधरी हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी छोड़कर अपने गांव लौटने का निर्णय लिया और ट्राउट मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया। आज वे सफलतापूर्वक ट्राउट मछली का उत्पादन करने के साथ-साथ अपनी ही हैचरी में ट्राउट की ब्रीडिंग भी कर रहे हैं।
दिनेश सिंह चौधरी ने मत्स्य पालन इकाई की स्थापना में 60 प्रतिशत निवेश स्वयं किया, जबकि मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। विभागीय सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपने उद्यम को सफल बनाया।
जिला प्रभारी मत्स्य विभाग श्रीमती मंजू भाकुनी ने बताया कि लदोली गांव निवासी दिनेश सिंह चौधरी को प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत विभागीय सहायता प्रदान की गई थी। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने ट्राउट मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया और आज सफलतापूर्वक मत्स्य उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों एवं युवाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़कर स्वरोजगार स्थापित करें और अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर बन सकें।
वर्तमान में दिनेश प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही ढंग से लाभ उठाया जाए और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य किया जाए, तो गांव में रहकर भी सम्मानजनक आय अर्जित करते हुए आत्मनिर्भर बना जा सकता है। दिनेश सिंह चौधरी की यह सफलता अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

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पुनर्वास सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाए : निदेशक
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देहरादून 07 जुलाई। निदेशक समाज कल्याण, उत्तराखंड संजय कुमार ने मंगलवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र, रायवाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध उपचार, परामर्श, पुनर्वास, चिकित्सीय सुविधाओं, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था तथा अभिलेखों के रखरखाव का गहन अवलोकन किया।
निदेशक ने केंद्र में भर्ती लाभार्थियों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, उपचार एवं पुनर्वास संबंधी अनुभवों की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लाभार्थी को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसका प्रभाव परिवार एवं समाज पर भी पड़ता है। इसलिए नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इन्हें उपचार के साथ-साथ प्रभावी परामर्श एवं पुनर्वास का भी केंद्र बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही केंद्र में स्वच्छता, अनुशासन एवं मानकों के अनुरूप सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान जी.आर. नौटियाल, संयुक्त निदेशक समाज कल्याण, उत्तराखंड, वासुदेव आर्य उपनिदेशक समाज कल्याण, दीपांकर घिल्डियाल जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून तथा डॉ. वैशाली केंद्र प्रभारी, राजकीय नशा मुक्ति केंद्र, रायवाला उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निदेशक को केंद्र की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों तथा संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी दी।
समाज कल्याण विभाग ने पुनः यह संकल्प व्यक्त किया कि राज्य में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए “नशा मुक्त उत्तराखंड” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 पर प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों की जनसुनवाई
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकसित एवं सुनियोजित उत्तराखंड के विजन के अनुरूप एमडीडीए द्वारा प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 पर प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों की जनसुनवाई प्रारंभ हो गई। पहले दिन माता मंदिर रोड स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में सेक्टर-1 से संबंधित आपत्तियों पर सुनवाई की गई, जिसमें 18 आपत्तियों एवं सुझावों पर विस्तार से विचार किया गया। नागरिकों ने भूमि उपयोग, विकास योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए एक व्यवहारिक, संतुलित और जनहितैषी मास्टर प्लान तैयार करना है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव व्यवहारिक एवं जनहित में होंगे, उन्हें आवश्यकतानुसार मास्टर प्लान-2041 में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।

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देहरादून। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में पौड़ी नगर ऑडिटोरियम में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सम्मेलन स्थल पहुंचने से पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए भव्य जुलूस के साथ सम्मेलन तक पहुंचाया। सम्मेलन में दिवंगत वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधानसभा से सेवानिवृत्त पूर्व अधिकारी चंद्रा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और जनहित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। साथ ही सभी दावेदार साथियों ने कांग्रेस द्वारा अधिकृत प्रत्याशी को एकजुट होकर विजयी बनाने का संकल्प लिया। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से अनेक साथियों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर संगठन में अपना विश्वास व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, जिलाध्यक्ष विनोद नेगी, सावित्री देवी सहित वरिष्ठ कांग्रेसजन, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, पूर्व सैनिक विभाग, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सम्मेलन में उमड़ा जनसमर्थन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तराखंड की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है।