एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव उत्तराखंडी ने निजी अस्पतालों की मनमानी, नियमों की खुलेआम अवहेलना तथा स्वास्थ्य विभाग की ढीली कार्यप्रणाली को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) देहरादून से मुलाकात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ललित श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 2024 में निजी अस्पतालों में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं मरीजों के शोषण एवं नियमों के उल्लंघन को लेकर उनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड के महानिदेशालय ने सीएमओ देहरादून को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जो विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि आम जनता की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होगी तो यह भ्रष्टाचार और मनमानी को बढ़ावा देने का कार्य करेगा जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हाल ही में स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा पुनः पत्र जारी कर सीएमओ देहरादून को मामले की तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं इसी क्रम में उत्तराखंड क्रांति सेना ने सीएमओ से मुलाकात कर मांग की कि दोषी अस्पतालों एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदेश अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड क्रांति सेना सड़क से लेकर शासन तक बड़ा जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति सेना हमेशा जनहित पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई लड़ती रही है और भविष्य में भी भ्रष्टाचार अनियमितताओं तथा जनता के शोषण के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।